रबी, खरीफ़ और ज़ायद की फसलें | Difference between Rabi and Kharif Crops in Hindi | Zaid Crops in Hindi

रबी और खरीफ फसलों के बीच अंतर (Difference between Rabi and Kharif crops in hindi) को इस तरह से आसान शब्दों में समझें वो भी मेमोरी ट्रिक के साथ

मौसम / ऋतुओं के आधार पर फसलें तीन तरह की होती हैं:

  • रबी की फसलें
  • ख़रीफ़ की फसलें
  • ज़ायद की फसलें

रबी की फसल

रबी शब्द का अर्थ

  • रबी शब्द अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है वसंत।
  • चूँकि रबी की फसल को अक्टूबर – नवंबर में बोया जाता हैं जिस समय वसंत ऋतु होती है अतः इस दौरान तैयार होने वाली फसलों को वसंत की फसल अर्थात रबी की फसल कहा गया है।

रबी की फसल हेतु अनुकूल दशाएँ

  • रबी फसलें C4 श्रेणी में आती हैं. इस श्रेणी के पौधे की खासियत होती है कि इनमे जल उपयोग क्षमता (WEU) और  प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) दर दोनों ही कम होती है। इस प्रकार इन पौधों में दिन के प्रकाश में श्वसन(respiration) एवं प्रकाश संश्लेषण की क्रिया संपन्न होती है।
  • बुआई के समय कम तापमान तथा पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की जरुरत होती है। 
  • अर्थात् इन फसलों को कम तापमान और कम पानी की ज़रूरत होती है।
  • रबी की फसलें सदैव सर्दियों के मौसम की शुरुआत में लगाई जाती हैं और वसंत के मौसम में इनकी कटाई की जाती है 
  • चूँकि रबी की फसलें सदैव सर्दियों के मौसम की शुरुआत में लगाई जाती हैं, इसलिए रबी के फसलों को शीत ऋतु की फसल भी कहते हैं।
  • क्यूंकि रबी फसलों की खेती शुष्क मौसम में होती है, इसलिए इन्हें कम सिंचाई आवश्यक होती है।

रबी की फसल की अवधि

  • जैसा कि बताया जा चुका है कि रबी की फसल की बुआई के समय कम तापमान की आवश्यकता होती है अतः इन्हें सामान्यतः अक्तूबर-नवम्बर के महीनों में बोई जाती हैं।
  • पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की जरुरत होती है अतः इन्हें सामान्यतः अप्रैल के महीनों में काटा जाता है।

ख़रीफ़ की फसल

ख़रीफ़ शब्द का अर्थ

  • खरीफ शब्द अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है पतझड़। 
  • चूँकि खरीफ की फसल अक्टूबर – नवंबर में तैयार होती हैं जिस समय पतझड़ होता है अतः इस दौरान तैयार होने वाली फसलों को पतझड़ की फसल अर्थात खरीफ की फसल कहा गया है।

ख़रीफ़ की फसल हेतु अनुकूल दशाएँ

  • खरीफ की फसलें C3 श्रेणी में आती हैं. इस श्रेणी के पौधे की खासियत होती है कि इनमे जल उपयोग क्षमता (WEU) एवं प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) दर दोनों ही अधिक होती है। जबकि प्रकाश-श्वसन दर कम होती है.
  • इन फसलों को बोते समय अधिक तापमान एवं आर्द्रता(humidity) तथा पकते समय शुष्क वातावरण की जरुरत होती है।
  • इस प्रकार वर्षा-जल का समय और मात्रा इस फसल के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

ख़रीफ़ की फसल की अवधि

  • ख़रीफ़ फसल की बुवाई और कटाई का निश्चित होता है।
  • जैसा कि बताया जा चुका है कि इन फसलों को बोते समय अधिक तापमान एवं आर्द्रता(humidity) तथा पकते समय शुष्क वातावरण की जरुरत होती है, ख़रीफ़ की फसलों को वर्षा की शुरुआत के समय बोया जाता है।
  • इसी कारण इन्हें वर्षा पर आधारित, मानसून की फसले भी कहा जाता है।
  • भारत में वर्षा की विषमताओं के कारण इनकी बुवाई का समय आगे पीछे हो सकता है। जैसे केरल में मानसून एक जून के आस पास प्रवेश कर जाता है और वहाँ खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है किन्तु उत्तर भारत में इनकी बुवाई देर से होती है। यानी इसे उत्तर भारत में जून-जुलाई में बोया जाता है.
  • कटाई के समय मौसम साफ होना चाहिए यानी अक्टूबर माह तक इस फसल की कटाई होती है।

ज़ायद की फसल (Zaid Crops in Hindi)

  • रबी और खरीफ के मौसम के बीच, गर्मियों के महीनों के दौरान एक छोटा मौसम होता है जिसे जायद के मौसम के रूप में जाना जाता है।
  • इस मौसम में उगाई जाने वाली फसलों को ज़ायद की फसल कहा जाता है।

ज़ायद की फसल हेतु अनुकूल दशाएँ:

  • चूँकि इन फसलों के वृद्धि के लिए और फूल आने के लिए, दिन की लम्बी अवधि, गर्म और सूखे मौसम की ज़रूरत होती है, इसलिए गर्मियों का यह मौसम इनके लिए अनुकूल माहौल प्रदान करता है।
  • इस वर्ग की फसलों में तेज गर्मी और शुष्क हवाएं सहन करने की अच्छी क्षमता होती है।

तरबूज, ककडी, खीर आदि इस वर्ग गी प्रमुख फसलें हैं.

  • ये मार्च से जून महीने में उगाई जाती हैं।

ज़ायद की फसल की अवधि

  • ये मार्च से जून महीने में उगाई जाती हैं। उत्तर भारत में ये फसलें मुख्यतः मार्च-अप्रैल में बोई जाती है.
  • जायद की फसल कम अवधि (मार्च से जून महीने में यानी 4 महीने) में ही उपज देती है और रबी और ख़रीफ़ की बीच की ख़ाली अवधि में बोई जाती है, लिहाज़ा यह किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

ज़ायद की फसल के उदाहरण

तरबूज, ककड़ी, खीरा आदि इस वर्ग की प्रमुख फसलें हैं।

रबी और खरीफ फसलों के बीच अंतर Difference between Rabi and Kharif crops in hindi

रबी और खरीफ फसलों के बीच अंतर इस प्रकार है:

रबी की फसलख़रीफ़ की फसल
अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है वसंतअरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है पतझड़
C4 श्रेणी में आती हैंC3 श्रेणी में आती
जल उपयोग क्षमता (WEU) और  प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) दर दोनों ही कम होती हैजल उपयोग क्षमता (WEU) एवं प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) दर दोनों ही अधिक होती है
बुआई के समय कम तापमान तथा पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की जरुरत होती है।बोते समय अधिक तापमान एवं आर्द्रता(humidity) तथा पकते समय शुष्क वातावरण की जरुरत होती है।
अक्तूबर-नवम्बर के महीनों में बोया जाता है।उत्तर भारत में जून-जुलाई में बोया जाता है।
शीत ऋतु की फसल भी कहते हैं।मानसून की फसल भीकहते हैं।
पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की जरुरत होती है।पकते समय मौसम साफ होना चाहिए।
अप्रैल के महीनों में काटा जाता है।अक्टूबर के महीनों में काटा जाता है।
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Written by GKTricksIndia